जब ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पर अमित शाह ने समर्थन देने के लिए उद्धव ठाकरे को कॉल किया तो उद्धव ने कहा..

सदन में विपक्ष द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर रोमांच बना हुआ है, इन सबके बीच मोदी सरकार पर सख्त रहने वाली शिवसेना ने कुछ ऐसा किया है जो कांग्रेस के लिए झटका है. दरअसल महाराष्ट्र में भाजपा के बढ़ते रुतबे को देखते हुए शिवसेना के मन में डर बना रहता है जिसके लिए वो हमेशा मोदी सरकार के खिलाफ बयानबाजी करती रहती है. इसको देखते हुए कांग्रेस को भी लगा था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद शिवसेना भाजपा के खिलाफ वोट कर देगी लेकिन बीजेपी प्रमुख अमित शाह के एक फोन कॉल ने सारा मामला ही ख़राब कर दिया.

बीजेपी की अगुवाई में बने NDA के घटक दलों में शिवसेना भी शामिल है (फाइल फोटो-सोर्स: जी न्यूज़)

आपको बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पर समर्थन देने के लिए गुरुवार को जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन किया तो जो जवाब मिला वो बेहद दिलचस्प था. दरअसल दोनों दल NDA का हिस्सा हैं लेकिन इसके बाद भी दोनों के बीच टकराव की स्थिति बनी रहती है. इसको देखते हुए माना जा रहा था कि शिवसेना मोदी सरकार के खिलाफ जा सकती है, लेकिन जब अमित शाह ने उद्धव ठाकरे को कॉल करके समर्थन की बात कही तो उद्धव ठाकरे ने कहा कि, “आप टेंशन मत लीजिये, हम आपके साथ हैं.”

अमित शाह के एक फोन पर ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार को समर्थन देने के लिए हामी भर दी (फोटो सोर्स: rightlog.in)

जी न्यूज़ के मुताबिक गुरुवार को अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करने और मोदी सरकार का समर्थन करने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन किया और उनसे कहा कि, “वे अविश्वास प्रस्ताव के समय मोदी सरकार का साथ दें.” इसपर उद्धव ठाकरे ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि, “आप बेफिक्र रहिये, हमारी पार्टी NDA का हिस्सा है और वो मोदी सरकार के ही साथ रहेगी.”

कांग्रेस का ये दांव उसके लिए ही मुसीबत बन गया है

मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के साथ ही तमाम दल आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर चुके हैं. गठबंधन से लेकर महागठबंधन की नीति चली जा रही है लेकिन ऐसे में कांग्रेस की तरफ से एक अलग ही दांव चल दिया गया है. बता दें कि 18 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष की तरफ से ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाकर विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वो अटैकिंग मूड में हैं. हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर कोई तीर नहीं मारा है बल्कि वो खुद बीजेपी के जाल में फंस चुकी है.

सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाकर कांग्रेस सिर्फ समय की बर्बादी कर रही है, जबकि वो भी जानती है कि उसके पास संख्या बल नहीं है (फोटो सोर्स: NDTV)

बीजेपी को होगा ये फायदा

दरअसल माना जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव और आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ये सत्र काफी महत्वपूर्ण भी है, जिसमें मोदी सरकार को अपने सहयोगी दलों की मंशा को टटोलने और विपक्ष को NDA दलों की एकजुटता दिखाने का समय भी मिल जायेगा. इतना ही नहीं अविश्वास प्रस्ताव के सहारे पीएम मोदी सदन से पूरे देश को अपनी सरकार की उपलब्धियों पर भी बात कर सकेंगे.

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