चीन मुद्दा अब पीएम मोदी के ख़ास डोभाल से भी नहीं बल्कि तभी सुलझेगा जब..

भारत और चीन में इन दिनों लड़ाई काफी ज़ोरों पर है, दोनों ही देश एक दूरसे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. आपको बता दें पीएम मोदी लगातार दुनियाभर में घूमकर  भारत का मान बढ़ा रहे हैं.  इसी बात को लेकर चीन कहीं ना कहीं बौखलाया हुआ है.  इन दिनों भारत और चीन में युद्ध को लेकर बातें चल रही हैं. सिक्किम और डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं ऐसे में कभी भारत से कुछ ऐसी खबर आ जाती है जो हालात को गंभीर कर देती है तो कभी चीन भी कुछ ऐसे बोल बोल देता है कि लगता है जल्द ही दोनों देश जंग के मैदान में आमने-सामने खड़े हो जाएंगे.

गहरा गया है डोकलम विवाद…

आपको बता दें डोकलाम इलाके को लेकर भारत की तरफ से कूटनीति अपनाई जा रही हैं और भारतीय सैनिक लगातार वहां तम्बू गाड़े डेट हुए हैं.  डोकलाम में पिछले दो हफ्ते से हालात काफी खराब हैं, चीन भी इस इलाके को लेकर कड़ा रुख अपना रहा है. अब भारत एक ऐसा कदम उठाने वाला है जिसे जानकर आपको पीएम मोदी पर गर्व होगा.

खबर थी कि अजीत डोभाल जाएंगे चीन…

दरअसल भारत के राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 26 और 27 जुलाई को चीन के दौरे पर जाएंगे. कहा जा रहा है कि अजीत डोभाल ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और फिर चीन से सिक्किम विवाद को लेकर बात करेंगे. डोभाल और जिशी दोनों ही अपने-अपने देश की तरफ से सीमा विवाद पर बातचीत करने और हल निकालने के लिए नामित किए गए हैं.

source 

लेकिन अब अजीत डोभाल से नहीं बल्कि…

दरअसल अभी खबर आई थी कि चीन के मुद्दे पर बिगड़ते हालात को देखते हुए पीएम मोदी ने अपने सबसे ख़ास अजीत डोभाल को चीन भेजने का फैसला लिया है लेकिन अब मिली एक खबर के अनुसार चीन के खिलाफ भारत अजीत डोभाल का नहीं बल्कि एक ऐसे हथियार का इस्तेमाल करने वाला है जिससे चीन की हवा पस्त होना तय है.

source

कौन सा है ये हथियार?

याद दिला दें कि चीन की सरकार के थिंकटैंक से जुड़े एक विशेषज्ञ ने माना कि, ” भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर चल रहा विवाद अभी जल्दी रुकने वाला नहीं है. हाँ ये विवाद उस हालात में रुकता दिख रहा है जब इस इलाके में कड़ी ठंड पड़नी शुरू हो जाएगी. ऐसा माना जा रहा है कि कड़ी ठंड के बीच दोनों तरफ की सेनाओं के लिए इस (विवाद वाले) इलाके में टिके रहना मुश्किल हो जाएगा.

source

तो वहीँ अजीत डोभाल की चीन यात्रा पर भी चीन की सरकार के थिंकटैंक से जुड़े विशेषज्ञ का यह मानना है कि भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चीन दौरे के वक्त इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बात शायद ही हो. चीन भारत के मुद्दे पर होने वाली बातचीत की चीनी विशेषज्ञ ने कम ही संभावना जताई है.

source

चीनी सरकार के थिंकटैंक, इंस्टिट्यूट ऑफ साउथ ऐंड साउथईस्ट एशियन ऐंड ओशन स्टडीज के डायरेक्टर हू शिशेंग ने अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि, ” हमारा अबतक का स्टैंड तो यही है कि डोकलाम में जबतक भारतीय सेना अपने पैर पीछे नहीं खींचती है तबतक किसी भी हालत में हम पीछे नहीं हटेंगें. साथ ही अगर इन हालात में बात होती है तो बॉर्डर विवाद से वाकिफ चीन के आम लोगों में असहज भावनाएं भड़क सकती हैं।”

source

बता दें कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इसी महीने के अंत तक चीन के दौरे पर जाने वाले हैं. इस मामले के विश्लेषकों का कहना है कि चीन डोभाल को इशारों में यह बात समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि उनके लिए चीन को बातचीत के लिए तब तक मना पाना मुश्किल होगा, जब तक कि भारतीय सेना डोकलाम में पीछे नहीं हटती.

source

तो इस वजह से है लड़ाई…

ज्ञात हो कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी और जिम्पिंग की जर्मनी में मुलाकात हुई थी और दोनों ने सीमा विवाद पर चर्चा की थी. आपको बता दें दिल्ली ने इस बात की पुष्टि की थी वहीं चीन ने इस बात से इनकार किया. अब दोनों ही देशों के चुने हुए  प्रतिनिधि सिक्किम विवाद पर चर्चा करेंगे. भारत ही नहीं भूटान ने भी चीन के इस कदम का कड़ा विरोध किया है.