जिसको बच्चा समझ कर पुलिसवालों ने जान की बाज़ी लगाकर बचाया, उसकी सच्चाई सामने आई तो उड़ गए होश!

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फिल्मों में अपने भी कई बार देखा ही होगा कि कैसे एक हीरो मुसीबत में फंसे लोगों को बचाने के लिए अपनी जान की बाज़ी तक लगा देते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ यूएस के न्यू हैम्पशायर में. हैम्पशायर में बॉलीवुड फिल्मों के इसी ऐतिहासिक सीन से मिलताजुलता एक वाकया देखने को मिला. लेकिन ये मामला थोड़ा अजीब था. दरअसल एक दिन अपनी नौकरी पर तैनात कुछ पुलिसवालों को एक कार के अन्दर से एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज़ आई. पुलिस वालों ने गाड़ी के आसपास किसी को मौजूद ना देखकर पुलिस वालों ने गाड़ी के अन्दर झाँक कर देखा. गाड़ी के अन्दर उन्हें एक नवजात बच्ची रोते हुए नज़र आई.
अब पुलिसवालों को कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने गाड़ी का शीशा तोड़ कर बच्ची को बाहर निकालने का फैसला किया. पुलिस वालों ने ऐसा किया भी, उन्होंने गाड़ी का शीशा तोड़ा और बच्ची को बाहर निकाल भी लिया, लेकिन पुलिस वालों ने जैसे ही उस बच्ची को अपने हाथ में लिया उनकी हैरानी की कोई सीमा नहीं रही.
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वो बच्ची नहीं बल्कि…

दरअसल पुलिसवालों ने जैसे ही गाड़ी से निकली बच्ची को अपने हाथ में उठाया तो उन्हें ये एहसास हुआ कि वो कोई इंसानी बच्ची नहीं बल्कि एक डॉल थी.
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इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिसवालों ने बताया कि 

इस मामले की जानकारी एक वेबसाइट को देते हुए  पुलिस ऑफिसर Lt. जेसन शॉर्ट ने बताया कि, “वॉलमार्ट के पार्किंग में हमे एक लॉक कार खड़ी दिखाई दी. हमने गौर से देखा तो गाड़ी के अन्दर हमे  एक नवजात बच्चा नज़र आया.  जेसन ने बताया कि वह बच्चा एक ब्लैंकेट में लपेटा हुआ था, लेकिन उसके आसपास कोई मौजूद नहीं था.
बच्चा गाड़ी में अकेला था और लगातार रोये जा रहा था. हमे लगा बच्चे की जान को खतरा है, इसलिए हमने बिना देरी किए कार के शीशे को तोड़ कर बच्ची को बाहर निकाल लिया.  जेसन ने बताया कि जब हमने बच्चे को बाहर निकाला तो बच्चा कोई हरकत नहीं कर रहा था. हमने अपनी उंगली भी बच्चे की मुंह में डाली ये देखने के लिए कि बच्चा जिंदा तो है लेकिन उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया.
बाद में जब हमने उसे गौर से देखा तो समझ आया कि वो कोई इंसानी बच्चा नहीं बल्कि एक डॉल है. वहीं जब मामले की छानबीन की गई तो ये बात सामने आई कि वह डॉल कैरोलिन सिएफर्ड नामक महिला की थी. पुलिसवालों ने  मामले की और जानकारी  लेनी चाही तो बाद में कैरोलिन ने बताया कि उसके पास इस तरह के 40 डॉल हैं.
कैरोलिन ने बताया कि उनके पास ऐसी कई डॉल हैं उन्होंने बताया कि  उनकी हर डॉल की कीमत एक लाख रुपए ($2,000) से ज्यादा हैं. दरअसल अपने बेटे के मरने के बाद कैरोलिन ने इन डॉल के साथ रहना शुरू कर दिया और अब आलम ये है कि कैरोलिन जहां भी जाती हैं अपने साथ उन डॉल को लेकर जाती हैं.  हालाँकि इस हादसे के बाद कैरोलिन ने अपनी कार पर एक बड़ा सा स्टीकर चिपका दिया है जिसमें उन्होंने साफ लिख दिया है कि यह कोई असली बच्चा नहीं है  बल्कि डॉल है कृपया मेरी गाड़ी का शीशा न तोड़ें.
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