चीन ने फिर दिखायी अपनी औकात, अमेरिका ने जब महासागर में घेरा तो भारत से बोला…

डोकलाम विवाद 

इस समय डोकलम में भारत और चीन के बीच गहरी तनातनी चल रही है और कभी भी दोनों के बीच युद्ध हो सकता है.  आपको बता दें दोनों ही देश इस समय एक दुसरे को कांटे की टक्कर दे रहे हैं और इस विवाद को सुलझाने में लगे हैं. चीन लगातार भारत को हमले की धमकी दे रहा है और अपनी सरकारी मीडिया की मदद से झूठी खबरें भी फैला रहा है. चीन की लगातार धमकी के बाद भारत ने डोकलाम में अपनी सेना बढ़ा दी है.   china

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भारतीय पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीन..

डोकलाम को लेकर एक तरफ चीन भारत से कड़ा रुख अपना रहा है. वहीं दूसरी तरफ हिंद महासागर में दोस्ती के लिए हाथ बढ़ा रहा है. भारतीय पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीनी नौसेना के एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा है कि  ‘हमारे ऊपर लोग सीमा विस्तार का बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, हम तो केवल अपनी सीमा की रक्षा करते हैं. हमारी सीमा में जो कोई भी दाखिल होने की कोशिश करेगा हम उसे सख्त जवाब देंगे.’

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इसी के साथ चीनी अधिकारी ने कहा कि हिंद महासागर में हमें भारत का साथ चाहिए, इसके लिए हम लगातार पूर्ण प्रयास कर रहे हैं. अधिकारी ने कहा भारत और चीन ही ऐसे देश हैं जो एक साथ मिलकर हिन्द महासागर की रक्षा कर सकते हैं. आपको बता दें कि चीन ने भारतीय मीडिया को अपने जंगी जंग के लिए प्रसिद्द यूनियन जहाज को दिखाने के लिए बुलाया था.

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बता दें कि जंगी जहाज के कैप्टन लियांग तियानजुन ने कहा कि हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए चीन और भारत को एक साथ खड़े रहना चाहिए. इसके लिए हमें भारत का साथ चाहिए. इसी के साथ चीनी अधिकारी ने भारत के पत्रकारों से ये भी कहा कि अगर हमारी सीमा में कोई भी प्रवेश करने की कोशिश करेगा तो यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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कैप्टन लियांग ने धमकी देते हुए कहा कि..

कैप्टन लियांग ने यह टिप्पणी इस लिए की क्योंकि कुछ दिन पहले अपना युद्धपोत सागर में उतार चीन के बेहद करीब पहुंचा दिया था. अमेरिका नेवी के इस कदम ने चीन की मुश्किलें बढ़ा दी थी. बता दें कि ऐसे रवैया को देख चीन हिन्द महासागर में अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर विस्तारवादी रवैया अपना रहा है.

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इसी के साथ चीन ने धमकी देते हुए कहा था कि हमारी सीमा में जो दखल देगा उसका परिणाम उसे भुगतना होगा.ओए कहा था कि हमारे बड़े हथियार खिलोने नहीं हैं. चीन ने हिंद महासागर में चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की बढ़ती सक्रियता को भी स्पष्ट किया, चीन ने जहां पहली बार ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ में जिबूटी में एक नौसैनिक अड्डा स्थापित किया.

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अमेरिका द्वारा उठाये कदम पर चीन ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि…

अमेरिका द्वारा उठाये इस कदम के बाद चीन ने चिंता जाहिर करते हुए नौसेना की ओर से एक बयान दिया था. चीन ने कहा दक्षिण चीन सागर में नौवाहन की स्वतंत्रता अभियान के दौरान अमेरिकी युद्धपोत इस जगह तक पहुंचा था. उन्होंने बताया था कि जिस समय अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएसएस जान एस मैकेन’ जब वहां पहुंचा था तब चीनी युद्धपोत भी वहां मौजूद था.

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अमेरिका के इस कदम के बाद चीन ने इस पर चिंता जाहिर की है. नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दक्षिण चीन सागर में नौवाहन की स्वतंत्रता अभियान के दौरान अमेरिकी युद्धपोत इस जगह तक पहुंचा था. उन्होंने बताया कि चीन सागर में जिस समय अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएसएस जान एस मैकेन’ (USS John S. McCain) पहुंचा तब वहां चीनी युद्ध पोत भी मौजूद था. अमेरिकी युद्धपोत मिस्चिफ रीफ में मौजूद है.