फर्जी फोटो दिखाकर भारतीय सेना को बदनाम करने की कोशिश कर रहा था ‘खुर्रम परवेज’, लेकिन इस मेजर ने बजा दी बैंड !

भारतीय सेना कश्मीर में आतंकवादियों से बहुत काबिले-ए-तारीफ तरीके से लड़ रही है लेकिन इसके बीच में पत्थरबाज अपनी कायराना हरकत दिखाते रहते हैं और आतंकवादियों की ढाल बनते रहते हैं. कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जो पत्थरबाजों के मानवाधिकारों की वकालत तो करते हैं लेकिन भूल जाते हैं कि सैनिकों के भी मानवाधिकार होते हैं. उनकी रक्षा के लिए वो आवाज तक नहीं उठाते.

एक आतंकवादी को मारने के बाद उसे ले जाते हुए भारतीय जवान (फोटो सोर्स: ट्विटर)

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें सेना के कुछ जवान एक आतंकवादी को घसीटते हुए ले जा रहे हैं. इस फोटो को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर करते हुए खुद को मानवाधिकारों का रक्षक बताने वाले खुर्रम परवेज ने भारतीय सेना को बदनाम करने की कोशिश की.

खुर्रम ने फोटो के कैप्शन में लिखा है कि, “यह एकदम बर्बरपूर्ण है और ये भारतीय सेना द्वारा मानवाधिकार के आचरण को जाहिर करता है.”

खुर्रम परवेज के ट्विटर अकाउंट से लिया स्क्रीन शॉट

जब यह फोटो वायरल होने लगी तो भारत के गोल्ड मेडल जीत चुके जवान ने इस पूरे वाकये के पीछे के सच को सामने ला दिया कि आखिर पूरा मामला क्या था. बता दें कि गोल्ड मेडलिस्ट मेजर सुरेन्द्र पुनिया ने खुर्रम परवेज की फजीहत करते हुए फोटो की सच्चाई लिखकर बताया कि, “मानवाधिकार के कार्यकर्ता और उनसे सहानुभूति रखने वाले लोग भारतीय सेना के बारे में अफवाहें फैला रहे हैं. इस तस्वीर में एक आतंकवादी है, जिसे भारतीय सेना ने मार गिराया है. और ‘श्रीमान’ खुर्रम जी, इसे इसलिए घसीटा जा रहा है क्योंकि आतंकवादी अपने कमर में ग्रेनेड बांधे हुए है, जो विस्फोट भी हो सकता है.”

फोटो सोर्स: मेजर सुरेन्द्र पुनिया के ट्वीट

मेजर सुरेन्द्र के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर खुर्रम की खूब फजीहत हो रही है. लोगों का कहना है कि खुर्रम अपनी सहानुभूति अपने पास रखें, आतंकवादियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए.

देखिये मेजर के सपोर्ट में लोगों ने क्या कहा:

फोटो सोर्स: ट्विटर

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