योगी सरकार ने विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी को नौकरी का वादा तो कर दिया लेकिन अब फंस गया ये बड़ा पेंच !

28 सितंबर की रात को लखनऊ निवासी और एप्पल जैसी मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करने वाले विवेक तिवारी की प्रशांत चौधरी नाम के एक सिपाही ने गोली मारकर हत्या  कर दी थी. जिसके आरोप में प्रशांत अपने साथी सिपाही संदीप सिंह के साथ जेल में है. इस मामले को लेकर योगी सरकार काफी सावधानी बरत रही है और हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी की तरफ से आर्थिक मदद और नौकरी की मांग की गयी थी. जिसपर योगी सरकार ने मुवाआजे के तौर पर 40 लाख रूपये परिवार को तो दे दिए लेकिन नौकरी के मामले में असमंजस में फंसती नजर आ रही है.

CM योगी से मुलाकात के दौरान कल्पना तिवारी और उनके भाई विष्णु शुक्ला (फोटो सोर्स: इंडिया टुडे)

कल्पना को किस पद पर नौकरी मिलेगी, यह अभी साफ़ नहीं है

दरअसल कल्पना तिवारी और उनके परिवार की तरफ से OSD या फिर जन सम्पर्क अधिकारी के पद पर नौकरी की मांग की गयी थी. लोगों की नाराजगी और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए योगी सरकार और प्रशासन की तरफ से कल्पना तिवारी को नगर निगम में नौकरी देने की बात मान भी ली गयी थी. हालाँकि नगर निगम में कल्पना को किस पद पर नौकरी मिलेगी, यह अभी साफ़ नहीं है.

अब शासन ही कोई रास्ता निकाले

नवभारत टाइम्स के मुताबिक, कल्पना तिवारी जिस पद पर नौकरी की मांग कर रही हैं उस पद पर निगम में अभी कोई पद खाली नहीं है. निगम की तरफ से बने इस गतिरोध को देखते हुए नगर निगम ने शासन से मार्गदर्शन माँगा है. निगम चाहता है कि इस मामले में अब शासन ही कोई रास्ता निकाले.

विवेक तिवारी की मौत के बाद सदमे में उनका परिवार (फोटो सोर्स: NBT)

ऐसे में नगर निगम भी पूरी कोशिश में है कि आखिर योगी सरकार द्वारा दिए गये आश्वासन और कल्पना तिवारी की मांग को बैलेंस कैसे किया जाए. पेंच फंसा हुआ है और कल्पना को पद क्या मिलेगा इस पर संशय है.

नौकरी के लिए जरुरी दस्तावेज ले लिए गये हैं

हालाँकि नगर आयुक्त सोमवार को विवेक तिवारी के घर गये थे और उनकी पत्नी कल्पना तिवारी से मिलकर नौकरी के लिए जरुरी दस्तावेज ले लिए हैं. देखना ये है कि मांगे जा रहे पद को लेकर शासन और प्रशासन कैसे निपटता है.