पाई-पाई के लिए मोहताज पाकिस्तान को अमेरिका ने दिया एक और बड़ा झटका, सुनकर पाकिस्तान में छा जायेगा सन्नाटा !

कहने को भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान कितना भी खुद को पाक साफ़ दिखाने की कोशिश कर ले लेकिन मोदी सरकार ने कुछ ऐसी कूटनीतिक रणनीति बनाई है कि अब उसकी एक भी ना चलेगी. इन रणनीतियों का असर दिखा भी. आपको याद होगा इसी साल के शुरुआत में अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 50 करोड़ डॉलर की मदद पर रोक लगा दिया था. इसके पीछे जो वजह थी वो पाक की आतंकवादियों के प्रति नरमी थी. अभी ये साल ख़त्म भी नहीं हुआ है और अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को एक और झटका दे दिया गया है. ऐसे में जो पाकिस्तान कंगाली के कगार पर है उसके लिए ये कार्रवाई बहुत मायने रखती है.

प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: (Image Source-Janastta)

गरीबी में आटा गीला 

दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक व्यवस्था पर नजर डालेंगे तो पता चलता है कि इस देश के पास महज कुछ हफ़्तों के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बचा हुआ है. ऐसे में ये देश चीन और अन्य दूसरे देशों से मिल रही मदद पर ही आस लगाये बैठा है. इस गरीबी में आटा गीला तब हो गया है जब अमेरिका ने एक बाद फिर पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद पर रोक लगा दी है.

2100 करोड़ की मदद पर रोक

बता दें कि अभी इमरान खान को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं पाकिस्तान का प्रधानमन्त्री बने हुए, ऐसे में प्रधानमंत्री बनने के शुरूआती दौर में ही इमरान खान को बड़ा झटका लगा है. अमेरिका ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई ना करने का आरोप लगाते हुए 30 करोड़ डॉलर (2100 करोड़) की मदद पर रोक लगा दी है. कंगाली के हालत में ये रोक पाकिस्तान के लिए काफी अहम है.

अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान के रवैये से काफी खफा है (फोटो सोर्स: आजतक)

इस वजह से इमरान खान की सरकार है निशाने पर

इमरान खान और अमेरिकी प्रशासन के बीच कुछ खास रिश्ता बनता नही दिखाई दे रहा है. दरअसल कुछ दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इमरान खान से फोन पर बातचीत कर आतंकियों पर कार्रवाई करने की नसीहत दी थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान ने ऐसे किसी फोन कॉल की बात को नकार दिया. इसके बाद से ही दोनों देशों में जुबानी जंग छिड़ गयी है.

अगर पाक ‘ऐसा’ करे तो मिल सकती है मदद

मदद रोकने को लेकर अमेरिका की तरफ से साफ़ कर दिया गया है कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अपनी मंशा साफ़ करता है और अपना रवैया बदलता है तो ही उसे मदद देने पर विचार किया जा सकता है.