पुन्य प्रसून वाजपेयी ABP से निकाले गये तो विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था लेकिन राज्यवर्धन सिंह राठौर का ये जवाब..

बीते कुछ दिनों से आप खबरों में और सोशल मीडिया पर देख रहे होंगे कि टीवी के बड़े एंकर पुन्य प्रसून वाजपेई और एडिटर-इन-चीफ मिलिंद खांडेकर को ABP न्यूज़ ने अपने चैनल से निकाल दिया है. कहा जा रहा है की पुन्य प्रसून वाजपेयी को इस्तीफा देना पड़ा और वहीं एक और एंकर अभिसार शर्मा को 15 दिन की छुट्टी पर भेजा गया है. वैसे तो यह मामला चैनल का आतंरिक मामला है लेकिन इस मामले में भी विपक्ष राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है. इस मुद्दे को भी विपक्ष संसद में भुनाना चाह रहा है.

{फाइल फोटो} विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (फोटो सोर्स: जनसत्ता)

शुक्रवार(3 अगस्त) को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को सदन में उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि, ‘सरकार मीडिया का मुंह बंद और धमकाने का काम कर रही है.’ इन आरोपों के जवाब में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कुछ ऐसा जवाब दिया जो विपक्ष के तमाम नेताओं की बोलती बंद कर देने वाला था.

राज्यवर्धन सिंह राठौर (केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री)

बता दें कि भारत के लिए  ओलम्पिक में रजत पदक(2004) जीतने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौर ने विपक्षी नेता के बेबुनियादी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि, “किसी को चैनल से बाहर करना, ये चैनल का आन्तरिक मामला होता है, चैनल की TRP लगातार गिर रही थी, और उसे कोई देखना नहीं चाह रहा था.”

चैनल ने चलाई थी गलत खबर लेकिन सरकार ने..

राठौर ने मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब देते हुए और बिना चैनल का नाम लेते हुए कहा कि:

“विपक्षी नेता सरकार पर मीडिया का मुंह बंद करने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन वो जिस चैनल की बात कर रहे हैं, उसने इसके पहले गलत खबर भी चलाई थी लेकिन इसके बाद भी सरकार की तरफ से कारण बताओ नोटिस नहीं जारी किया गया था. अगर चैनल ने किसी को निकाला है तो उसका कारण दर्शकों में उस चैनल की गिरती लोकप्रियता भी हो सकती है.”

निकाले गये एबीपी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ मिलिंद खांडेकर (बाएं) और पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी (फोटो सोर्स: ट्विटर)

ये भी वजह हो सकती है !

आपको बता दें कि ABP न्यूज़ चैनल पर रात 9 बजे 10 बजे तक पुन्य प्रसून वाजपेयी “मास्टर स्ट्रोक” नाम का एक शो लेकर आते थे. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वो इस कार्यक्रम में मोदी सरकार के खिलाफ एकतरफा निगेटिव न्यूज़ दिखाते थे. इस कारण चैनल की TRP भी डाउन होती जा रही थी. शायद यही कारण है कि चैनल ने मैनेजिंग एडिटर पुन्य प्रसून वाजपेयी को चैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

आपके लिए एक सवाल:

क्या विपक्ष को हर मामले में राजनीति करनी चाहिए ?

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