छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को झटका देने वाली मायावती ने एक और राज्य में किया कुछ ऐसा कि कांग्रेस की कमर टूट जाएगी !

मोदी सरकार आगामी लोकसभा चुनाव में किस तरह से हारे, इसके लिए विपक्ष और विरोधी दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे. हर कीमत पर गठबंधन चाहने वाले विरोधी दलों में आपसी तालमेल की कमी देखी जा रही है. खासकर कांग्रेस को लेकर अन्य दलों में असमंजस की स्थित बनी हुई है. कोई दल ऐसा नहीं है जो कांग्रेस के साथ बिना शर्त के गठबंधन करने पर राजी हो. वही कांग्रेस गठबंधन के लिए आतुर है. ऐसे में बसपा के नये प्लान से अब राहुल गाँधी के प्रधानमंत्री बनने के सपने को जोरदार झटका लगा है.

मायावती के तेवरों को देखकर साफ़ हो गया है कि ‘महागठबंधन’ अब सिर्फ ख्यालों में ही है (फोटो सोर्स: जनसत्ता)

मायावती ने खोजा नया पार्टनर

दरअसल मायावती, जो होने वाले गठबंधन का अहम हिस्सा मानी जा रही थीं उन्होंने छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों से पहले राहुल गाँधी को जबरदस्त पटखनी दी है. मायावती ने छतीसगढ़ विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस से हाथ ना मिलाकर नया पार्टनर ढूंढ लिया है और अजीत जोगी से हाथ मिला लिया है. यह खबर कांग्रेस के लिए बुरी तो थी ही लेकिन अब मायावती ने राहुल गाँधी को दोहरा झटका दिया है.

समझौते के अनुसार छत्तीसगढ़ में बसपा 35 और जनता कांग्रेस 55 सीटों पर लड़ेगी चुनाव: (फोटो सोर्स: indiatoday)

छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी मायावती ने दिया कांग्रेस को झटका 

छत्तीसगढ़ में राहुल गाँधी को मायावती की तरफ से मिले झटके के बाद दूसरा झटका मध्य प्रदेश में मिला है. बता दें कि मायावती ने मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में 22 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इस ऐलान के पहले माना जा रहा था कि बसपा मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ जा सकती है लेकिन अब जैसे-जैसे उम्मीदवारों की घोषणा कर रही है बसपा, वैसे-वैसे कांग्रेस के सपनों पर पानी फिरना तय हो गया है. अब साफ़ हो चुका है कि मायावती मध्य प्रदेश में भी अकेले चुनाव लड़ने के मूड में हैं.

ये घमासान अगर ऐसी ही चलता रहा तो इसका सबसे बड़ा फायदा भारतीय जनता पार्टी को होगा (फोटो सोर्स: APN TV)

इस घमासान का फायदा बीजेपी को होगा !

जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से कांग्रेस को अपनी डूबती नाव बचाने के लिए एक सहारे की जरूरत दिख रही है. ऐसे में अब बसपा के तेवर साफ होने के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका माना जा रहा है. इन क्षेत्रीय पार्टियों के बीच मची घमासान अगर ऐसी ही चलती रही तो इसका सबसे बड़ा फायदा भारतीय जनता पार्टी को होगा.