संसद में पहली बार मोदी और सोनिया में आमने सामने हुई खुली बहस, देखिए वीडियो

बुद्धवार को संसद में एक एतिहासिक नजारा देखने को मिला. मौका था भारत छोड़ो आन्दोलन के 75 वर्ष पूरा करने का. इस एतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्षा सोनिया गांधी ने देश के तमाम वीर जवानों को याद किया और उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया. लेकिन यह ख़ास मौका मोदी और सोनिया के राजनीतिक मतभेद को नही भुला पाया. दोनों नेताओं ने एक दुसरे पर जमकर निशाना साधा. यह इस तरह का पहला मौका था जब सोनिया गाँधी और नरेन्द्र मोदी इस तरह आमने सामने थे दोनों ने एक दुसरे पर हमला करने पर कोई कसर नही छोड़ी और जमकर एक दुसरे के विचारधारा पर हमला बोला.

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संसद में दोनों नेताओं के बीच में एजेडों को लेकर लड़ाई साफी दिखाई दे रही थी. पीएम मोदी बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने कहा कि यह मौका महापुरुषों के बलिदान को नै पीढ़ी तक पहुचाने का है नए भारत के लिए यह जरूरी है. इसके साथ ही मोदी ने अपने सरकार की उपलब्धियां भी गिनवाई  इसके बाद कांग्रेस को घेरने के लिए मोदी ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया. इसके कुछ देर सोनिया गाँधी बोलने  के लिए खड़ी हुई तो असहिष्णुता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भारत छोडो आन्दोलन के 75 साल बीत जाने के बाद भी क्या आज हमें बोलने की आजादी है. आगे आप वीडियो में देख सकते है दोनों के बीच हुई बात चीत.

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आपको बता दें कि सोनिया गाँधी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु को याद करते हुए उनके द्वारा दिए गये सहयोग को बताया. इस दौरान उन्होंने सदन में कहा कि कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने आज़ादी के लिए जान दी और 8 अगस्त 1972 को महात्मा गाँधी और नेहरु के अगुवाई में देश को आज़ाद कराने का संकल्प लिया गया.

सोनिया गांधी का भाषण यहां तक निर्विरोध चलता रहा लेकिन मामला तब गर्म हो गया जब उन्होंने ‘अंग्रेजों भारत छोड़ों आन्दोलन’ का जिक्र करते हुए RSS का नाम लिए बिना कुछ ऐसा कह दिया जिससे सदन में सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य विरोध दर्ज कराने लगे.

सोनिया गाँधी ने कहा कि ‘जब देश को आज़ाद कराने के लिए भारत छोड़ो आन्दोलन किया जा रहा था तब कुछ ऐसे संगठन और कुछ लोग ऐसे भी थे जो इस आन्दोलन का विरोध कर रहे थे और उन लोगों, संगठनों का देश की आज़ादी में कोई योगदान रहा. ऐसे लोगों की वजह से हमारा देश अन्धकार में जा सकता था.’ उन्होंने उस परिवेश को आज से जोड़ते हुए कहा कि ‘क्या आज हमारा देश अंधकार में नही जा रहा है क्या ?’

सोनिया गाँधी ने कहा कि ‘जिन संगठनों ने देश की आज़ादी में कोई योगदान नही दिया और ऐसे लोग देश को अंधकार में ले जायेंगे, जिसपर हमें सोचना होगा’ उनके इतना कहते ही बीजेपी विधायकों की तरफ से आवाजें आने लगी और विरोध जताने लगे.

गुजरात चुनाव के दौरान जिस तरह कांग्रेस के नेता एक राज्यसभा सीट बचाने के लिए मशक्कत करते दिखे उससे पार्टी की ताकत का अंदाजा लगया जा सकता है. पार्टी की  लोकप्रियता और ताकत को गिरता देख कर अब पार्टी के अध्यक्षा सोनिया गाँधी हमला करने में आगे आई और मोदी समेत आरएसएस पर जमकर हमला बोला. यही तो हमारे संविधान की अच्छाई है कि हम एक दुसरे की आलोचना कर सकते है. बुराइयाँ कर सकते है.

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