शहीद भाई को तिरंगे में लिपटा देख बहन ने कहा कुछ ऐसा जिसके बाद फिर ताबूत से निकाला गया शहीद का शव, लेकिन इस बार…

जहाँ देश एक तरफ रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार का जश्न मना रहा था वहीँ दूसरी तरफ एक परिवार ने अपना बेटा देश की रक्षा में न्योछावर कर  दिया है. दरअसल जब राजनांदगांव के बकरकट्टा में नक्सली मुठभेड़ में शहीद पलारी निवासी युगल किशोर वर्मा का पार्थिव शरीर सोमवार को 11 बजे पैतृक निवास ग्राम कनकी ले जाया गया तो वहां शहीद के परिजनों सहित भारी मात्रा में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए नम आंखों से अपने जाबांज बेटे के आखिरी दर्शन का इंतजार कर रहे थे. ऐसे में जैसे ही सरकारी वाहन में तिरंगे से लिपटे शहीद युगल किशोर का पार्थिव शरीर को उतारा गया, लोगों के आंखों से आंसुओं की धारा बह उठी.

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शहीद युगल किशोर वर्मा की पत्नी और मां, बहन की आंखें अपने बेजान पड़े बेटे को देख रही थी कि मानो कुछ होगा और वो  एक बार फिर अचानक उठ कर उन्हें गले लगा ले. शहीद भाई युगल किशोर का पार्थिव शरीर घर पंहुचा तो उनकी बहनों ने अपने भाई को अंतिम बार राखी बांधने के लिए लोगों से मिन्नतें करने लगीं, लेकिन लोगों को भी पता था. ऐसा मुमकिन नहीं है, उनका भाई अब कभी वापिस नहीं आएगा.

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हालाँकि जब बहनों ने रो-रो कर भाई को एक आखिरी बार राखी बांधने की ज़िद पकड़ ली तो बहनों की भावनाओं को देख शहीद युगल किशोर के पार्थिव शरीर को ताबुत को खोल कर उनकी कलाई को बाहर निकाला गया जिससे उनकी बहन फिंगेश्वरी व परिवार की अन्य बहनों ने भाई को रक्षाबंधन के दिन राखी पहनाई.

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इस पूरे मामले के दौरान शहीद की मां यशोदा, पत्नी माधुरी, बहन फिंगेश्वरी, पिता शिव वर्मा, बड़ा भाई गोविंद सहित पूरा परिवार बेसुध नजर आया. परिवार पर आये इस बड़े दुःख के पहाड़ तले सिर्फ हर तरफ सिर्फ आंसू और रोने की आवाजें ही सुनाई दे रही थी.

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गांव में नहीं मनाया गया रक्षाबंधन त्योहार

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कनकी के पैतृक निवास में लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी. ग्रामीणों ने अपने शहीद बेटे को श्रद्धांजलि देने के लिए रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया. शहीद युगल किशोर को पुलिस के जवानों ने गॉड आफ आनर दिया जिसके बाद उन्हें तिरंगे से हटाकर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया.

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बता दें इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक देवजी भाई पटेल, जनकराम वर्मा, योगेश चंद्राकर, नगर पंचायत अध्यक्ष घसिन बाई वर्मा, जनपद अध्यक्ष रूखमणी साहू, उपाध्यक्ष महेंद्र साहू सहित पूरा पलारी नगर ग्राम कनकी में शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचा था.

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पार्थिव शरीर पहुंचा तो रो पड़ा गांव

रक्षाबंधन पर्व पर जब भाई का पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपटा हुआ पहुंचा तो बहन फिंगेश्वरी वर्मा समेत पूरा गांव रो पड़ा. बहन अपने ताबूत तिरंगे से लिपटे पड़े भाई को उठाने के लिए बिलखती रही पर भाई ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी, वो अब कहाँ ही उठने वाला था. सोमवार दोपहर शहीद युगल का पार्थिव काया पुलिस की अगुवाई में पूरे सम्मान के साथ गृह गांव पहुंचा, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने जनसैलाब उमड़ा था.

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जहाँ एक तरफ शहीद की बहन, उनकी मां, पत्नी, पिता, भाई व बेटा अंतिम विदाई देते समय बिलख-बिलख कर रो रहे थे, तो वहीँ दूसरी तरफ  पूरे राजकीय सम्मान के साथ पुलिस जवानों ने उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सलामी दी.

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7 साल के बेटे ने दी मुखग्नि

पूरे विधिपूर्वक सम्मान के साथ जब शहीद को जब उनके 7 वर्षीय पुत्र आदि वर्मा ने मुखाग्नि दी उस वक़्त तो मानो गाँव वालों का सब्र का बाँध ही टूट गया. भाई युगल को अंतिम विदाई देने पूरा गांव पलारी पहुंचा था. साथ ही साथ बलौदाबाजार, खरोरा, कनकी के ग्रामवासी सैकड़ों की संख्या में इस अंतिम यात्रा में मौजूद थे.

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शहीद के नाम पर होगा पलारी का स्कूल

शहीद को श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि, “वीर पुत्र युगल किशोर वर्मा ने पलारी के जिस स्कूल में शिक्षा ग्रहण की उसका नामकरण शहीद के नाम पर किया जायेगा. इसके साथ ही पलारी नगर के मुख्य चौराहे व पैतृक ग्राम कनकी में शहीद की प्रतिमा स्थापित होगी.