ओसामा बिन लादेन की पत्नी ने खोला उस रात का सच जब अमरीका ने ओसमा को मौत के घाट उतारा था

ओसामा की मौत को कई साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी लोगों में उस रात को जानने की उत्सुकता है जब अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतार दिया था. उस रात के बारे में लादेन की चौथी पत्नी अमाल बिन लादेन ने पहली बार खुलासा किया है. उस रात का सच उनसे बेहतर कोई नहीं बता सकता क्योंकि उस रात को वो भी उनके साथ थी. अमाल ने 2 मई, 2011 की रात की कहानी कैथी स्कॉट क्लार्क और एंड्रिन लेवी की किताब ‘द एग्जाइल’ में बयां की है.

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अमाल ने बताया कि, जब अमरीकी जवानों ने लादेन को मार था उस वक्त वह अपने 6 बच्चों के साथ वहीँ मौजूद थी, मकान में लादेन की दूसरी बीवी खैरियाह और तीसरी बीवी सेहम और बेटा खालिद भी मौजूद थे. अमाल ने बताया कि 1 मई 2011 को हम सब रात के 11 बजे सोने चले गए. लादेन उनके साथ ही सोया था. इस दौरान आधी रात में बिजली जाने से उनकी नींद खुल गई. तभी उन्होंने घर के बाहर और छत पर किसी के कूदने की आवाज सुनी और खिड़की से दौड़ते-भागते लोगों की परछाइयां देखी.

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अमाल ने बताया कि इसके बाद अचानक लादेन उठ बैठा और वह काफी घबराया हुआ था. हांफते हुए उसके मुंह से शब्द निकले कि अमेरिकी आ रहे हैं.  इसी दौरान उनको ब्लास्ट की आवाज़ आई. सील के अफसर घर का मेन गेट उड़ा चुके थे. लादेन ने कहा कि वो मुझे मारना चाहते हैं, तुम सबको नहीं. उसने हमें नीचे जाने के लिए कहा. इसके बाद भी सबसे बड़ी बेटी मरियम और सुमाया बालकनी में छिपी रहीं, जबकि तीसरी वाइफ सेहम और बेटा खालिद सीढिय़ों से नीचे उतर गए. फोर्स का एक मेंबर अरबी बोल रहा था और उसने खालिद को देखकर उसे आवाज दी, लेकिन खालिद ने बालकनी से जैसे ही नीचे देखा उसे गोली मार दी.

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दूसरी तरफ अमाल के सामने ही कमरे में घुसे सील अफसर ने लादेन को गोली मार दी. अमाल जमीन दर्द से तड़पकर बेड पर गिर गई और ऐसा दिखाने की कोशिश की जैसे उसकी जान निकल गई है. इसके बाद एक के बाद एक नेवी सील के जवान कमरे में घुसे और लादेन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इसके बाद सील ने लादेन की बेटी मरियम और सुमाया को पकड़ा और लादेन की डेडबॉडी के पास लेकर उसकी पहचान करने के लिए बोला. पहले मरियम ने नकली नाम लिया, लेकिन सुमाया ने उसे टोकते हुए कहा कि इन्हें सच्चाई बताओ, ये कोई पाकिस्तानी नहीं है. फिर मरियम ने बताया कि ये मेरे पिता ओसाम बिन लादेन हैं. इसके बाद बालकनी में छिपी बैठी 11 साल की साफिया को पकड़कर सील अफसरों ने लादेन की पहचान करवाई। उसने जोर से रोते हुए कहा कि ये उसके पिता हैं. इसके बाद सील कमांडोज लादेन की डेडबॉडी को घसीटते हुए हेलिकॉप्टर में रखा और ले गए.

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