राहुल गाँधी से कोई और नहीं बल्कि उनके ही एसपीजी कमांडो हैं दुखी, शिकायत पत्र में खोला राहुल गाँधी से जुड़ा बड़ा राज

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी हर बार कुछ ना कुछ ऐसा कर देते है जिसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है. इस बार राहुल गाँधी ने कुछ ऐसा किया जिसकी वजह से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की परेशानी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है. राहुल गाँधी की यात्राओं के दौरान उनकी सुरक्षा का मुद्दा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के लिए चिंता का विषय बन गया है. राहुल गाँधी एसपीजी को बिना बताये  यात्रा के लिए चले जाते है. जिसको लेकरस्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) बहुत परेशान है. इस मामले को लेकर एसपीजी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी शिकायत की है. राहुल गाँधी बीते तीन सालों से ऐसा कर रहे हैं.

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आपको बता दें कि कुछ समय पहले राहुल गांधी बाइक पर सवार होकर मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन में पहुंच गए थे. हालाँकि राहुल को राज्य सरकार ने मंदसौर जाने की इजाजत नहीं दी थी लेकिन सरकार की बात को नजरंदाज कर राहुल आखिरकार छुपते-छुपाते मंदसौर पहुँच ही गए थे. राहुल गाँधी के अचानक इस कदम ने एसपीजी को भी चौंका दिया था. राहुल गाँधी एक बार नहीं बल्कि कितनी ही बार ही ऐसा कर चुके है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एसपीजी ने दावा किया है कि राहुल गांधी 13 जून को लंदन में एयरपोर्ट से बिना बताए ही चले गए थे. जबकि कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें ऐसा नहीं करना था. एसपीजी ने आगे कहा कि राहुल गाँधी कई बार अपनी यात्रा कार्यक्रम की कॉपी एसपीजी को नहीं देते. 

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वहीँ इस मामले को देखते हुए राहुल गाँधी के एक करीबी ने कहा राहुल को अपनी यात्रा की जानकारी देने की जरुरत नहीं क्योंकि वो किसी संवैधानिक पद पर नहीं है. “अपनी निजी यात्रा के लिए राहुल को विवरण देने की जरूरत नहीं हैं.” आपको बता दें कि एसपीजी गाँधी परिवार के कई सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर उनकी यात्रा के दौरान हमेशा साथ मौजूद रहती है. राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के अलावा प्रियंका गांधी को भीे एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है. वहीं रॉबर्ट वाड्रा या प्रियंका गांधी सहपरिवार जब यात्रा पर होते हैं तो उन्हें भी एसपीजी सुरक्षा देती है.

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आपको बता दें कि 21 मई को 1991 को शाम 8 बजे थे. कांग्रेस की बुज़ुर्ग नेता मारगाथम चंद्रशेखर मद्रास के मीनाबक्कम हवाई अड्डे पर राजीव गांधी के आने का इंतज़ार कर रही थीं. थोड़ी देर पहले जब राजीव गांधी विशाखापट्टनम से मद्रास के लिए  तैयार हो रहे थे तभी  पायलट कैप्टन चंदोक को पता चला कि  विमान की संचार व्यवस्था काम नहीं कर रही है.

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राजीव मद्रास जाने का विचार त्याग गेस्ट हाउस के लिए रवाना हो गए. लेकिन तभी किंग्स एयरवेज़ के फ़लाइट इंजीनियर ने संचार व्यवस्था में आया नुख़्स ठीक कर दिया. विमान के क्रू ने तुरंत पुलिस वायरलेस से राजीव से संपर्क किया और राजीव मद्रास जाने के लिए वापस हवाई अड्डे पहुंच गए. दूसरे वाहन में चल रहे उनके पर्सनल सुरक्षा अधिकारी ओपी सागर अपने हथियार के साथ वहीं रह गए. मद्रास के लिए विमान ने साढ़े छह बजे उड़ान भरी. वर्ष 1991 में तमिनलाडु में एक चुनावी रैली के दौरान राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी, जिसमें लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) का हाथ था. राजीव गांधी 31 अक्टूबर, 1984 से दो दिसंबर, 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे.