राहुल पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस साध रही थी बीजेपी पर निशाना लेकिन राजनाथ सिंह ने पूछ लिया ऐसा सवाल कि कांग्रेसियों की हो गयी बोलती बंद

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बारिश का कहर इन दिनों देश में कुछ इस तरह है कि देश के कई राज्य बाढ़ की प्रकोप में हैं, गुजरात उनमें से एक है. हालांकि इस बाढ़ से लोगों को बचाने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार अपनी तरफ से अथक प्रयासों में लगी हुई हैं. खुद पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का दौरा करके वहां के हालातों का जायजा लिया था. गुजरात में विधानसभा चुनाव भी नजदीक है, और यहां भाजपा की सरकार बनने की शुरुआत 1995 में हुई थी जो कि आजतक है, ऐसे में दूसरी पार्टियाँ अपनी जमीन तलाश रही हैं. इसी काम को करने के लिए राहुल गाँधी भी गुजरात में बाढ़ का जायजा लेने गये थे. लेकिन वहां के लोगों को जब यह बात पता चली तो उन्होंने राहुल गाँधी का वो हश्र किया जिसकी कभी उन्होंने कामना भी नहीं की होगी.

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राहुल गाँधी गुजरात गए तो थे इसलिए की वो बाढ़ के हालातों का जायजा ले सकें लेकिन वहां के नाराज लोगों ने राहुल गाँधी की गाड़ी पर जमकर पथराव कर दिया. इस हमले में राहुल गांधी की कार के शीशे टूट गए लेकिन आज यानी 8 अगस्त को कांग्रेस सदस्यों ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया और सभी का कहना है की इस घटना को देखकर उन्हें साफ-साफ लग रहा है की यह घटना राहुल गाँधी की जान लेने का प्रयास थी.

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वहीँ गुजरात दौरे के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी इस देश की अनमोल धरोहर है पर इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी पर भी कोई भी इलज़ाम लगा देंगे जो की उचित कहीं से भी नहीं है. राजनाथ सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि हमारा देश यह ज़रूर जानना चाहता है कि छह मौकों पर 72 दिन विदेश में रहने के दौरान उन्होंने एसपीजी सुरक्षा क्यों नहीं ली?  

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राजनाथ सिंह ने जमकर धावा बोलते हुए कहा कि कहा,की कांग्रेसी अब बोल रहे हैं की राहुल गाँधी पर जान लेवा हमला हुआ है लेकिन तब कहाँ थे जब उनके ही उपाध्यक्ष छह मौकों पर 72 दिन विदेश में रहे और इस यात्रा के दौरान राहुल ने एसपीजी सुरक्षा कभी नहीं ली तथा उहोनें कानून का उल्लंघन करके स्वयं को कई बार खतरे में डाला है. 

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राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने 121 बार देश के कई स्थानों का दौरा किया और उनमें से उनहोंने 100 बार खुद एसपीजी सुरक्षा का उपयोग नहीं किया जिसमें की एसपीजी सुरक्षा संसद के कानून के तहत प्रदान की जाती है. इसलिए देश ये बात जानना चाहता है की आखिर राहुल गाँधी विदेश यात्रा के बारे में क्या छिपा रहे हैं?

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लोकसभा में आज मंगलवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया था कि गुजरात में बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए राहुल गांधी पर जानलेवा हमला हुआ है और अगर इस हमले के दौरान पत्थर कार की अगली सीट पर लगता तो शायद राहुल गाँधी की जान भी जा सकती थी. पहले भी गांधी परिवार से ही कई लोगों की जान जा चुकी है और वे एक शहीद के बेटे हैं, जिनकी जान लेने की कोशिश हुई है.

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम डरने वाले नहीं है. हम महात्मा गांधी के अहिंसा के पथ पर चलने वाले हैं, इसीलिए आप  हिंसा और घृणा की बाते करते हैं, हम हिंसा की बात करते हैं. इस मामले में जितने भी दोषी हैं उनको दंडित किया जाए और बीजेपी हमसे माफी मांगे.

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मल्लिकार्जुन खड़गे की इतनी बात सुनते ही गृह मंत्री राजनाथ गुस्से में आ गए और फिर उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे समेत वहां मौजूद सभी कांग्रीसियों को जमकर लताड़ा कि फिर कोई भी बोलने लायक नहीं रहा. राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे तो लगता ही नहीं कि राहुल गांधी आपदा राहत का जायजा लेने गए थे बल्कि ऐसा महसूस होता है की वहां वे आपदा पर्यटन करने गए थे.

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राजनाथ सिंह ने खूब लताड़ते हुए कहा कि राज्य सरकार और अन्य एजेंसीयों ने सुरक्षा का पूरा प्रबंध किया था लेकिन राहुल गांधी ने एसपीजी की बुलेट प्रूफ कार में बैठने की बजाय गैर बुलेट प्रूफ कार में बैठने को ज्यादा उचित समझा. उसके साथ ही जब आपको पता है की आपके पास सुरक्षा नहीं है तो आप लोगों से मिलने के लिये बार बार कार से उतरते क्यों रहे, साथ के साथ राहुल गाँधी ऐसे भी स्थानों पर रूके जो पहले से निर्धारित नहीं था. 

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गृह मंत्री ने कहा की राहुल गाँधी ने  करीब 100 बार बुलेट प्रूफ कार का इस्तमाल नहीं किया होगा साथ ही वे जब भी विदेश दौरे के लिए गए उन्होंने एसपीजी सुरक्षा भी नहीं ली, जिसकी बाद में कोई सूचना भी नहीं दी गयी कि आखिर सुरक्षा क्यों नहीं ली गयी. उच्चतम न्यायालय से भी इस संबंध में निर्देश आ चुके हैं कि एसपीजी सुरक्षा के बिना विदेश जाना कानून का उल्लंघन है. लेकिन राहुल गाँधी को कौन सझाये ये तो विदेश दौरे पर जाने के संबंध में कुछ ही घंटों पहले सूचित करते हैं .

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मल्लकार्जुन खडगे को तो शर्म भी नहीं आई उन्होंने जम्मू कश्मीर में देश की सेना पर हो रही पत्थरबाजी की तूलना राहुल गाँधी से कर डाली जब कि शायद उनको शायद यह नहीं मालुम कि वहां मौजूद हमारी सेना हमारे लिए अपनी जान जोखिम में डाले हुए हैं जिनके पास ना तो एसपीजी सुरक्षा है और ना ही बुलेट प्रूफ गाड़ी या कपड़ा.

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खडगे ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जो लोग जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजी करते हैं, उन्हें आतंकी घोषित कर दिया जाता है,तो गुजरात में पत्थर फेंकने वालों को क्या कहा जाए? राहुल गांधी एक राष्ट्रीय नेता है और गुजरात में बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए जहां लगभग 270 लोगों की जान जा चुकी है.

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खडगे के इस सवाल पर भी गृह मंत्री चुप नहीं बैठे और उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा क्या कारण है कि जिस पार्टी के नेता विपक्ष के है, वे वहां जाते हैं और लोग उन्हें काले झंडे भी दिखाते हैं और तो और उनके खिलाफ नारेबाजी भी करते हैं, जबकि वहीँ उसी जगह वहां के मुख्यमंत्री वहां के लोगों से मिलने जाते हैं तब ऐसी कोई घटना नहीं घटती.

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राजनाथ सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने पत्थर फेंका है, उन लोगों पर कार्रवाई हुई है. लेकिन आपको बता दें कि गुजरात दौरे में राहुल गांधी की सुरक्षा में कहीं भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रही. लेकिन सुरक्षा की सारी की सारी व्यवस्था उस वक्त धरी की धरी रह जाती है जब सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है और रही बात पत्थर चलने की तो पत्थर किसी पर भी चले, आम नागरिक पर चले,सेना के जवान पर चले या राजनीतिक कार्यकर्ता पर चले, इसे किसी भी प्रकार से उचित ठहराया नहीं जा सकता है.

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