केन्द्रीय मंत्री रविशंकर ने बताया जब उनके सामने से एक चपरासी ने कुर्सी खींचते हुए उनसे कहा कि आप इसपर नहीं बैठ सकते, लेकिन इसके बाद जो हुआ…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही भ्रष्टाचार और उससे जुड़े मामलों में भारी गिरावट देखने को मिली है. नरेंद्र मोदी ने भी कई मौकों पर अपने भाषण में कहा है कि ये उनकी सरकार की अबतक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शुमार है कि अबतक शायद ही उनका कोई मंत्री भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त मिला हो. मोदी सरकार का भ्रष्टाचार और उससे जुड़ी किसी भी गतिविधियों से इस तरह का किनारा उनकी एक बड़ी उपलब्धि है.

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लेकिन इसी बीच उनके कैबिनेट के एक मंत्री ने एक ऐसा उदाहरण जनता के सामने पेश किया है जिसे जानने के बाद हर कोई चौंक गया है. पीएम मोदी के ये मंत्री कोई और नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं.

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दरअसल रवि शंकर प्रसाद ने इंडिया टुडे के मेक इन इंडिया समिट और अवॉर्ड समारोह में अपने साथ हुए एक किस्से का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके दफ्तर में एक peon ने उनसे कुछ ऐसा पूछ डाला जिसे सुनकर वो हैरान हो गए.

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“सर आप इस कुर्सी पर बैठेंगे या इसे बदल दूं?”

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर ने बताया कि उनके दफ्तर के चपरासी ने उनसे एक कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, “सर, आप इस कुर्सी पर बैठेंगे या बदल दूं?” सवाल सुनकर पहले तो रवि शंकर प्रसाद को समझ नहीं आया कि वो ऐसा क्यों पूछ रहा है. हैरान रवि शंकर प्रसाद ने ऐसे में चपरासी से पूछा…

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ऐसा क्यों भला? इस कुर्सी में ऐसा क्या है जो मैं इसमें नहीं बैठ सकता? इस सवाल के जवाब में बिना एक पल गंवाए चपरासी बताते हैं कि, “नहीं सर इस कुर्सी में यूँ तो कोई खराबी नहीं है लेकिन आपसे पहले जो दो मंत्री इस कुर्सी पर बैठे हैं उनमें से एक जेल में हैं और दूसरे भी किसी बड़ी मुश्किल में हैं”.

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चपरासी के सवाल के जवाब में रवि शंकर प्रसाद का जवाब आपको भी सुनना चाहिए

चपरासी का जवाब सुनकर रवि शंकर प्रसाद को भी अचरज हुआ लेकिन इस बात का जवाब देते हुए वो बोले कि, “नहीं ये कुर्सी कहीं नहीं जाएगी, इसे यहीं रहने दीजिये. मैं इसी कुर्सी पर बैठूँगा भी और अपना काम इमानदारी से करूँगा भी.”

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रविशंकर प्रसाद ने इस समिट में कहा कि उनकी सरकार का मंत्र ‘परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ है, और आगे भी रहेगा. रवि शंकर प्रसाद ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर क्षेत्र में इसी मंत्र पर चलते हुए आगे बढ़ रही है.

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रविशंकर बोले कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया इसी मुहीम का एक हिस्सा है. उन्होंने कहा कि देश सरकार की योजना पर चलता रहा तो निश्चित तौर पर ही भारत की डिजिटल इकॉनोमी अगले 5 से 7 वर्षों में 3 खरब तक पहुंच जायेगी.

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इसी समिट में रविशंकर प्रसाद ने बताया कि बीएसएनएल अब सीधे रास्ते पर है, जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने ऑफिस छोड़ा था तो 10,000 करोड़ रुपये प्रॉफिट में था, लेकिन उसे जब मनमोहन सरकार के कार्यकाल खत्म होने के बाद आंकलन किया गया तो वही कंपनी 8000 करोड़ के घाटे में नज़र आई. हालांकि उन्होंने माना कि MTNL में अभी भी सुधार की जरुरत है.