शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव को दिया कुछ ऐसा अल्टीमेटम कि दिक्कत में आ जायेंगे अखिलेश !

यूपी में जब 2017 विधानसभा चुनाव हो रहे थे तो उस दौर में ही समाजवादी पार्टी में छिड़ी रार से ‘यादव परिवार’ की खूब फजीहत हुई थी. ये फजीहत चुनाव तक तो चली लेकिन उसके बाद मामला शांत हो गया. पार्टी पर अधिकार को लेकर हो रही इस जंग में अखिलेश यादव एक तरफ और शिवपाल यादव अपने बड़े भाई और राजनीतिक गुरु मुलायम सिंह यादव के साथ दूसरी तरफ नजर आ रहे हैं. मामला इस कदर बिगड़ गया है कि मुलायम सिंह यादव को पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़कर अखिलेश को सौपना पड़ा. फ़िलहाल अब इस मामले में उपेक्षित मुलायम और शिवपाल यादव का दर्द फिर से बाहर आया है.

पार्टी के लिए हो रही इस जंग में शिवपाल यादव आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं (फोटो सोर्स: न्यूज़ 18)

बता दें कि न्यूज़18 की खबर के मुताबिक, शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव को दो दिन की मोहलत दी है. यह मोहलत पार्टी को लेकर फैसला करने के लिए है. इसके पहले मुलायम और शिवपाल यादव की तरफ से बयान आये थे जो पार्टी के अंदर उनकी उपेक्षा साफ़ जाहिर कर रहे थे. जहाँ मुलायम ने कहा था कि, ‘पार्टी में उनकी इज्जत नहीं है शायद मरने के बाद हो’ तो वहीं शिवपाल यादव ने कहा था कि, ‘पिछले डेढ़ साल से पार्टी में उपेक्षित हो रहा हूँ, ना कोई पद है और ना ही कोई जिम्मेदारी, जल्द ही कोई नया फैसला लूँगा.’

अगर ये झगड़ा सही समय पर खत्म नहीं हुआ तो आगामी लोकसभा चुनाव में सपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है (फोटो सोर्स: समाचार प्लस)

अब इस झगड़े में आर-पार के मूड में दिख रहे शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव को अल्टीमेटम देते हुए उन्हें पार्टी का भविष्य तय करने और उनकी जिम्मेदारी के लिए दो दिन का समय दिया है. इस झगड़े में अब पूरा दारोमदार मुलायम सिंह यादव पर आ टिका है. वैसे उधर अखिलेश यादव भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं, पार्टी में शिवपाल को पद देने के मामले में अखिलेश का कहना है कि, सही समय आने पर उन्हें पद दे दिया जायेगा. शिवपाल इन बातों से काफी आहत हैं और ‘समाजवादी सेक्युलर मोर्चा’ लेकर आ गये हैं.

मुलायम सिंह के सामने दिक्कत ये है कि वो भाई का साथ दें या फिर बेटे का (फोटो सोर्स: इंडिया.कॉम)

देखना ये है कि इस रार का अंत किस तरीके से होता है, और मुलायम सिंह यादव किस तरफ करवट लेते हैं, भाई का साथ देते हैं या फिर बेटे अखिलेश यादव का.