सोशल मीडिया पर जाहिर हुआ मीरा कुमार और रामनाथ कोविंद के बारे में ऐसा सच जिसने तूफान मचा रखा है ?

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देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गयी है, पक्ष और विपक्ष ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है. जहां NDA की तरफ से रामनाथ कोविंद हैं तो वहीं कांग्रेस की तरफ से मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है. फ़िलहाल दोनों पार्टियों की तरफ से दोनों उम्मीदवारों को दलित उम्मीदवार बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर दोनों प्रत्याशियों को लेकर काफी बातें चल रही हैं जो थोड़ी चौकाने वाली भी हैं. सोशल मीडिया वैसे भी सनसनी ख़बरों को काफी बढ़ाचढ़ाकर दिखाने के लिए माहिर है. वैसे कई ख़बरें ऐसी भी होती है जो सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक पहुँच जाती हैं जिसमें न्यूज़ चैनल्स पीछे रह जाते हैं, लेकिन ऐसी ख़बरों पर विश्वनीयता का अभाव होता है.

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आज हम आपको राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं.  दरअसल मीरा कुमार और रामनाथ कोविंद हैं तो दलित लेकिन इन दोनों के बारे में जो बातें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं वो आपको सोचने पर मजबूर करती हैं, कि आखिर इन्हें बताया तो दलित जा रहा है लेकिन जैसा इनका इतिहास है और वर्तमान है उसको देखते हुए क्या ये दलित होने का फायदा उठाने लायक हैं? क्या इन्हें हक़ है कि जो मज़बूरी की नाव सच्चे दलितों को गरीबी की बाढ़ से बचने के लिए मिलती है, वो हक़, वो राजनीतिक फायदा इन्हें भी मिलना चाहिए ? तो आईये जानते हैं इन दोनों के बारे में कुछ  ऐसा अनकहा सच जो सोशल मीडिया पर वायरल तो है लेकिन इसकी पुष्टि हम नही करते हैं.

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रामनाथ कोविंद ‘एक दलित’

आपको बता दें कि फेसबुक की एक यूजर आईडी से रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार को लेकर लिखा गया है कि
“रामनाथ कोविंद जी, जोकि बेहद ही अत्यंत सरल स्वभाव के हैं, जोकि जाति से दलित भी हैं. रामनाथ कोविंद जी इतने सरल हैं कि ये हमेशा पंतजलि वाली पतली दाल पीते हैं”  इनके परिवार के बारे में चर्चा है कि “रामनाथ कोविंद जी राजनीति और परिवार को अच्छा मैनज कर लेते हैं, वो भी इतना कि उन्होंने अपने परिवार को ठीक-ठाक समृद्धि करने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया.” वायरल हो रहे इस मैसेज के अनुसार बताया जा रहा है कि “रामनाथ कोविंद के परिवार में कई पेट्रोल पंप के लाइसेंस हैं, और इसके साथ-साथ अन्य कई प्रतिष्ठानों के मालिक भी हैं.” इन मैसज में रामनाथ कोविंद के बारे में कहा जा रहा है कि इन्होने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण के लिए झूठी गवाही भी दी थी. रामनाथ कोविंद के बारे में एक बात और कही गयी है वो ये कि “सांसद रहते कमीशन 40% से एक फूटी कौड़ी भी कभी अधिक स्वीकार नहीं किया रामनाथ कोविंद ने.” 

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रामनाथ कोविंद ‘आलीशान जिंदगी’

ऐसे पोस्ट में बताया जा रहा है कि “रामनाथ कोविंद की बेटी और बेटा अच्छे पोस्ट पर कार्यरत हैं. इतनी सब सुविधा होने के बाद भी इन्हें दलित जैसे दया भाव वाले शब्दों का प्रयोग करके वोट बैंक की राजनीति हो रही है. क्या ऐसे में इन्हें दलित होने का फायदा मिलना चाहिए. दलित कह देने से किसी को उसकी वर्तमान जिंदगी को भी देखना चाहिए.” आपको बता दें कि इस तरह के पोस्ट में जो भी कहा गया है हम उन तथ्यों के सही होने की पुष्टि नही करते हैं लेकिन एक बात तो तय है कि जाति से सिर्फ दलित होना, क्या राजनीतिक फायदा उठाने के लिए होता है? आलीशान जिंदगी जीने वालों को दलित का ट्रेडमार्क देने से पहले उनके संघर्ष को देखना चाहिए.

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फ़िलहाल अब बात करते हैं वायरल हो रहे मैसेज के दूसरे पार्ट की. इन मैसेजस के दूसरे पार्ट में कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार के बारे ऐसी कई बातें लिखी हैं जो शायद ही आपको पता  हों. आइये जानते हैं कि मीरा कुमार के बारे में इसमें क्या लिखा है लेकिन उससे पहले साफ कर दें कि इन सभी बातों की पुष्टि हम नही करते हैं.

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मीरा कुमार ‘एक दलित’

इस पोस्ट में मीरा कुमार के बारे में लिखा है कि “डॉ मीरा कुमार के पिता जगजीवन राम देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे और मीरा कुमार बेचारी दलित हैं, मीरा कुमार आरक्षण का लाभ लेकर IFS बनी और उसके बाद राजनीति में आईं और कई बार सांसद हुई, UPA की सरकार में लोकसभा की स्पीकर बनी और इतना सब होने के बाद भी मीरा कुमार आज भी ‘दलित’ है।” इनके बारे में और लिखा है कि “मीरा कुमार के फ्रेंड्स कॉलोनी और लूट्यन्स दिल्ली में दो बड़े-बड़े आलीशान बंगले हैं, और 38 करोड़ की घोषित संपत्ति है लेकिन इन सबके बाद भी ये दलित हैं।”

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सत्ता में इतने दिनों से मशगूल होने के बाद भी इन्हें शोषित और दलित होने का फायदा मिल रहा है ये कितना सही है. वैसे ये सारे तथ्य तो पुष्टि करने के बाद ही सच माने जा सकते हैं लेकिन एक बात तो तय हैं कि जिस तरीके से दलित के नाम पर आज भी राजनीति हो रही है वो देश के भविष्य के लिए बेहद ही खतरनाक है.

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