तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर अबतक का सबसे तीखा वार

नीतीश कुमार बिहार के फिर से मुख्यमंत्री बन चुके हैं और इस नयी सरकार में उनके साथ लालू प्रसाद नही बल्कि बीजेपी है. सुशील मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन नीतीश ने एक झटके में जिस तरीके से इस्तीफा देकर सबको चौका दिया उसको देखते हुए उनपर तेजस्वी यादव काफी गंभीर आरोप लगाते रहते हैं. तेजस्वी का कहना है कि नीतीश धोखेबाज है और उन्होंने हमारी पार्टी के साथ धोखा किया है.

source

बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्‍वी यादव अब बिहार के उपमुख्यमंत्री तो नहीं रहे इसलिए आये दिन मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ तीखे बयान दिया ही करते हैं. जी हाँ इस बार तो तेजस्‍वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए जो अपमानजनक शब्द प्रयोग किए हैं शायद ही तेजस्‍वी यादव खुद वो ही शब्द अपने पिता लालू प्रसाद के बारे में कभी बोलते लेकिन उन्होंने नीतीश कुमार के बारे में बोला है.

source

आपको बता दें कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में एक ऐसा फैसला लिया है जो किसी भी विपक्षी पार्टी को गवारा नहीं हो रहा है. जी हाँ नीतीश कुमार ने 50 साल से ज्यादा उम्र वाले टीचरों को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया है जिससे कोई खुश नहीं है. लेकिन वहीँ हम आपको बता दें कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने यह फैसला बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया है.

source

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने यह फैसला उन लोगों के लिए लिया है जो अध्यापक 50 साल की उम्र से ज्यादा हो चुके हैं और उनका प्रदर्शन भी बहुत कमजोर दिख रहा है जिससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. नीतीश कुमार द्वारा उठाया गया ये नेक कदम तेजस्वी यादव को भी गवारा नहीं हुआ और इसी पर तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि इस घटना के लिए आप ही जिम्मेदार हैं और अब तो आप भी 65 पार हो गए हैं…तो आपको भी संन्‍यास ले लेना चाहिए.

source

RJD नेता तेजस्‍वी यादव ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसने के लिए फेसबुक का सहारा लिया था और अपने पोस्‍ट के जरिये निशाना साधते हुए कहा है कि ”बीते 10-12 सालों में बिहार के शिक्षा स्तर में जो भारी गिरावट आई है उसके लिए, बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है कि एक ही शख़्स जिम्मेदार है और वह हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. बस एक ही आँकड़ा लेकर ये बैठ गए हैं कि पिछली सरकार की अपेक्षा इनके कार्यकाल में दाखिलों में इज़ाफ़ा हुआ. 

source

तेजस्वी ने आगे कहा कि ” नीतीश इतने आत्ममुग्ध हैं कि इस बढौतरी के लिए जिम्मेदार जो सही वजहें हैं उनकी  जानबूझकर अनदेखी करते हैं. UPA कार्यकाल में सर्व शिक्षा अभियान में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए किए गए भारी आवंटन, बजट बढ़ोतरी और मिड डे मील जैसी योजनाओं की बदौलत बढ़े दाखिले का सेहरा बड़ी चतुरता से बस अपने सिर पर ही सजाते हैं. ये भूल जाते हैं कि UPA सरकार के सहयोग के बगैर शिक्षा के क्षेत्र में एक भी योजना को लागू करना असम्भव था.”

source

तेजस्‍वी यादव यहीं नहीं रुके और उन्होंने कहा कि, कभी बिहार में शिक्षा के निरंतर गिरते स्तर पर कुछ भी नहीं बोलते हैं. क्या शिक्षा के गिरते स्तर पर सीएम ने कभी चिंता ज़ाहिर की है? एक समय पर अपने होनहार छात्रों को लेकर पूरे भारत में जाना जाने वाला और शिक्षा के क्षेत्र में डंका बजवाने वाला अचानक अपनी शिक्षा के गिरते स्तर, नकल, विलंब से परीक्षा परिणाम और अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए जाना जाने लगा. क्या ये बताएँगे कि इन्होंने अपने 12 साल के कार्यकाल में नियमित शिक्षकों की बहाली क्यों नहीं करवाई?

source

तेजस्वी यादव ने शिक्षा स्तर पर सवाल उठाने के बाद बिहार में पुलिस सिपाही की भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा पर भी सवाल उठाया और कहा कि सिपाही की भर्ती के लिए मुख्यमंत्री साहब ने लिखित परीक्षा ली लेकिन उन्ही सिपाहियों का भविष्य गढ़ने वाले शिक्षको के लिए नीतीश जी ने कभी कोई लिखित परीक्षा नहीं ली और आज जब पूरे देश और बिहार में इनकी शिक्षा नीति पर सवाल उठ रहे हैं तो इन्होंने उससे निपटने का नया बहाना ढूंढ निकाला है.

source

तेजस्वी यादव की हार का गुस्सा उनके लेख में साफ़ साफ़ नज़र आ रहा था जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति क़ाबिल नहीं है तो उसे हटाने के किए उम्र की सीमा क्यों? वो व्यक्ति अगर उस लायक नहीं है तो उसे भर्ती ही नहीं करना चाहिए. शिक्षा को ऐसी स्थिति में लाने के ज़िम्मेवार सिर्फ आप हैं और जिसकी गाज आप 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों पर गिराना चाहते है.”

source

तेजस्‍वी यादव ने भड़कते हुए लिखा है कि, ” मुख्यमंत्री साहब आप भी तो 65 पार कर चुके है और अगर आपसे राज्य नहीं संभल रहा है तो आप भी संन्‍यास ले लीजिए. ताकि आपके जानें के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुधार तो होगा और बिहार की जनता को आप जैसे अवसरवादी मुख्यमंत्री के हाथों अपमान नहीं सहना पड़ेगा.”

source

हालांकि तेजस्वी यादव नीतीश पर निशाना साध रहे हैं लेकिन हकीकत ये भी है कि व्यवस्था को सुधारने में वो भी भागीदारी निभा सकते थे. किसी पर आरोप लगाना आसान होता है लेकिन खुद ज़िम्मेदारी लेकर किसी काम को करना मुश्किल तेजस्वी भी इसी प्रकार का काम कर रहे हैं. उनके पिता ने भी कई साल बिहार पर राज किया है लेकिन उनके कार्यकाल को लेकर तेजस्वी ने कभी कुछ नहीं कहा.