इस VVIP मेहमान ने नहीं की थी राष्ट्रपति समारोह में शिरकत जब कार्यक्रम खत्म हो गया तो सदन में जाकर बोलीं..

मंगलवार, 25 जुलाई को  भारत के नए राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का शपथ ग्रहण समारोह हुआ.चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने सेन्ट्रल हॉल में रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. संसद के सदस्यों, मुख्यमंत्रियों और सत्ता पक्ष और विपक्ष की मौजूदगी में रामनाथ कोविंद को शपथ दिलाई गयी.  शपथ ग्रहण के दौरन वहां उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और चीफ जस्टिस मौजूद थे. राष्ट्रपति कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और देश के कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे, वहीँ दूसरी तरफ एक ऐसा भी वीवीआईपी मेहमान था, जो राष्ट्रपति कोविंद के शपथ समारोह से नदारत रहा.

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कौन था वो VVIP मेहमान जो राष्ट्रपति समारोह में नहीं पहुंचा

राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह हर मायने में ख़ास माना जा रहा था, ऐसे में इस बड़े मौके पर वहां से गायब इंसान ने सबका ध्यान खींचा. बताया जा रहा है राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से गायब मेहमान और कोई नहीं थी बल्कि वो थी पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल.

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हालाँकि देर सवेर राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल पहुंची तो लेकिन तबतक समारोह ख़त्म हो चुका था. ऐसे में लोग उन्हें देखकर हैरान रह गये थे. आने के बाद  वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ सबसे आगे वाली लाइन में बैठीं.

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सबसे पीछे बैठी थीं ममता बनर्जी जिन्हें देखते ही पीएम मोदी ने…

बताया जा रहा है कि इस समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं. ममता बनर्जी अपनी पार्टी के सांसदों के साथ सबसे पीछे बैठी नज़र आयीं जबकि ज्यादातर मुख्यमंत्री आगे वाली लाइन में बैठे थे. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जैसे ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सभा में आए, ममता बनर्जी के करीबी डेरेक ओ ब्रायन ने उन्हें अपने साथ बैठने का न्योता दे डाला, जिसे वो इनकार नहीं कर पाए और वहीँ ममता बनर्जी के साथ बैठ गए.

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पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को अकेला बैठा देखा तो..

समारोह ख़त्म होने के बाद जब पीएम मोदी उठ कर जाने लगे तो उन्होंने ममता बनर्जी को वहां बैठा देखा तो उन्हें बात करने के लिए बुलाया जिसपर ममता बनर्जी ने तुरंत ही प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी से मुलाकात की और उन दोनों के बीच कुछ कुछ पल के लिए बात भी हुई.

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संविधान की रक्षा और पालन का लिया वचन 

भारत के 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शपथ ग्रहण करने के थोड़ी देर बाद ही संविधान की रक्षा और पालन करने का वचन दिया उन्होंने इसके साथ ही न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों के पालन का वचन भी दिया. कोविंद ने संसद सदस्यों, मुख्यमंत्रियों और गणमान्य अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनेकता में एकता भारत की ताकत है. हम सभी अलग अलग है फिर भी एकजुट और एक हैं. ये हमारे प्रारंभिक मूल्य हैं इसमें न ही किसी तरह का विरोधाभास है और न ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है.

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शपथ ग्रहण समारोह के बाद लगे थे ‘जय श्री राम के नारे’

बता दें जब राष्ट्रपति कोविंद के शपथ लेने के बाद सदन में राष्ट्रगान बजाया गया तभी इसके तुरंत बाद ही संसद भवन के सेन्ट्रल हाल में जय श्री राम नारे लगने शुरू हो गए. बता दें कि ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में इस तरह के नारे लगे हो. हां लेकिन  इससे पहले भी संसद में जय श्री राम के नारे लगे थे उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ के दौरान भी जय श्री राम के नारे लगे थे और इसी के साथ मोदी-मोदी के भी नारे लगे थे.